
खरगोन के 10 प्रमुख मंदिर
Khargone शहर में कई ऐसे मंदिर है जहाँ लाखो श्रद्धालु दर्शन करने जाते है| और हर साल मंदिरो में त्योहारों के दिन भव्य भंडारे होते है | जहाँ लाखों लोग प्रसाद ग्रहण करते है| खरगोन के निमाड़ में बहुत सारे प्राचीन मंदिर है जो बहुत प्रसिद्ध है| इस आर्टिकल के माध्यम से आपको उन मंदिरो के बारे में पूरी जानकारी देंगे | अगर आप खरगोन के इन मंदिरो में दर्शन करने आना चाहते हैं तो आप जरूर आ सकते हैं|
1. Siddhi Vinayak Ganesh Mandir

सिद्धि विनायक गणेश मंदिर खरगोन का सबसे सुप्रसिद्ध मंदिरो में से एक हैं| यह खरगोन का सबसे बड़ा गणेश मंदिर है जो की कुंदा नदी के नट पर स्थित हैं | सिद्धि विनायक गणेश मंदिर का इतिहास बहुत पुराना रहा है | यहाँ हर साल लाखो श्रद्धालु आते है| सबसे ज्यादा भीड़ तो गणेश चतुर्थी पर रहती है| गणेश चतुर्थी के समय पर मंदिर को बहुत ही अच्छे से सजाया जाता हैं| और हर रोज गणेश भजन मण्डली आती है और रोज सेवा भाव से आरती और प्रसादी भक्तो को दे जाती है|
यह गणेश मंदिर खरगोन शहर का सबसे पुराना और भव्य मंदिर है जो की खरगोन की शान हैं| ऐसा माना जाता हैं की इस मंदिर में भक्त की हर मनोकामना पूरी होती है | हजारो लोग दान-दक्षिणा मंदिर पर देते है |

खरगोन का यह सिद्धिविनायक गणेश मंदिर का इतिहास बहुत लम्बा रहा है| ऐसी मान्यता है की यह मंदिर लगभग 500 साल पुराना हैं | और नागा साधुओ द्वारा स्थापित किया गया हैं| गणेश भगवन की मूर्ति पर चांदी की नक्काशी की गयी है |
अगर आप कभी भी खरगोन घूमने आये तो, सिद्धिविनायक गणेश मंदिर दर्शन करने जरूर जाईएगा| मंदिर में दूसरे भगवन की मूर्ति भी स्थापित की गयी है जैसे शिवलिंग और ठाकुर जी जो की बहुत ही प्राचीन मूर्ति नजर आती |
यह मंदिर जाने के लिए आपको खरगोन शहर के बावड़ी बस स्टैंड तक आना होगा और कुंडा नदी के पुल से निचे उलटे हाथ की तरफ चौपाटी के आगे सीधे जाना होगा और कुंडा नदी के ठीक किनारे पर यह मंदिर स्थगित हैं|
2. Shri Siddhanath Mahadev Mandir

दुनिया का सबसे बड़ा शिव डोला खरगोन में निकलता है, यह खरगोन के राजा श्री सिद्धनाथ महादेव की सवारी निकलती है | इस दिन बाबा भोलेनाथ खरगोन शहर का भ्रमण करते है| और वे यही इसी मंदिर में स्थापित रहते हैं | यह मंदिर खरगोन शहर का सबसे पुराना शिव मंदिर है| यह मंदिर खरगोन के भावसार मोहल्ले में स्थित है|
खरगोन का शिवडोला बहुत प्रसिद्ध है क्युकी पुरे भारत से यहाँ श्रद्धालु धूम धाम से बाबा सिद्धनाथ की सवारी में हिस्सा लेते है| यह भारत का सबसे बड़ा शिव डोला होता है क्युकी इसमें लाखो करोड़ो लोग शामिल होते है|

श्री सिद्धनाथ महादेव की सवारी बहुत धूम धाम पुरे शहर में निकलती है जिसमे झाकिया, करतब, और डीजे भी शामिल होते है पुरे शहर में उस दिन अवकाश रहता हैं और पुरे शहर में जगह जगह प्रसादी मिलती है और वोह भी पेट भर कर|
इस सवारी में खरगोन शहर के सभी लोग शामिल होते है धूम धाम से नाच गाने और प्रसादी का आनंद लेकर भगवन की सवारी में लीन हो जाते है|

शिवडोला अगस्त के महीने में होता है| सुबह से श्री सिद्धनाथ महादेव की सवारी तैयार होजाती है नगर भ्रमण के लिए और रात की 4 बजे मंदिर में स्थापित हो जाती है और रात में बाबा की महाआरती होती है, जिसमे खरगोन शहर के प्रमुख अधिकारी शामिल होते है जैसे कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, पुलिस DGP, SP सहित सभी बड़े अधिकारी आरती में शामिल होते हैं|
श्री सिद्धनाथ महादेव मंदिर बहुत हे प्राचीन और पारम्परिक हैं शिवडोला का रहस्य बहुत पुराना हैं|
3. Isckon Temple

खरगोन शहर में इस्कॉन टेम्पल भी बहुत चर्चित मंदिरो में से एक है| राजपुरा रोड पर बना हुआ यह मंदिर छेत्रफल में बहुत ही विशाल है | इसकी स्थापना ज्यादा पुरानी नहीं है यह अभी कुछ सालो पहले ही बना हैं| जिसे कारण शहर में कृष्णा भक्ति और भी बाद गयी है और फॉरेन टूरिस्ट भी आकर्षित हो रहे हैं|

मंदिर के बहार बहुत ही विशाल विष्णु भगवन की मूर्ति है और मंदिर के अंदर श्री राधा कृष्णा और बलराम भगवन स्थपित है| साथ ही में इस्कॉन मंदिर के अंदर श्री अभयचरणारविंद भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद जी की मूर्ति भी है जो की दिखने में बिलकुल उनके वास्तविक स्वरूप के समान हैं|
मंदिर हर विशेष दिन प्रसादी का आयोजन होता है और छोटी जग्गनाथ भगवान की रथ यात्रा भी निकाली जाती है जिस दिन खरगोन शहर के बहुत से लोग हिस्सा लेते है| और बड़े धूम धाम से भवन की रथ यात्रा निकालते हैं|

अगर आप खरगोन आओ तो इस्कॉन मंदिर में जरूर एक बार विजिट करे आपको बहुत ही आनंद का अनुभव होगा|
4. Navgrah Mandir

खरगोन शहर का सबसे प्राचीन और मंदिर नवग्रह मंदिर है| इसका इतिहास बहुत पुराना हैं ऐसी मान्यता है की यह मंदिर खरगोन शहर के बनने से पहले का है| इसकी स्थापना मराठा साम्राज्य के द्वारा आहिल्या बाई होल्कर ने की थी | इस मंदिर की नक्काशी और बनावट सूर्य मंदिर की जैसी है|

जिस तरह सनातन हिन्दू धर्म में 9 ग्रहो को उल्लेख है ठीक उसी तरह इस मंदिर में भी 9 ग्रहो की पूजा की जाती है – सूर्य, चंद्रमा, बुध, शुक्र, मंगल, बृहस्पति और शनि ग्रह और चंद्रमा, ऐसी मान्यता है जिसको भी जिस गृह का दोष हो वो व्यक्ति इस मंदिर में पूजा करता है तो उसका गृह शुभ हो जाता है|
यह मंदिर कुंडा नदी के किनारे बसा है और सबसे महत्वपूर्ण दिन तो मकर संक्रांति का होता है, क्योकि इस दिन यहाँ खरगोन शहर और आसपास गांव के लोग मंदिर में आते है और मकर संक्रांति के दिन यहाँ भगवन विष्णु जी की कथा का आयोजन होता है| इस दिन यहाँ लगभग हजारो ब्राह्मण एकत्रित होते है और लोगो के लिए भगवन की कथा सुनाते है और लोग यहाँ पंडित जी को दान दक्षिणा देते है और भगवन की कथा में शामिल होते है|

यह कथा सुबह 6 बजे से शुरू हो जाती है और दोपहर तक चलती है| मकर संक्रांति के दिन इस कथा का नवग्रह मंदिर में बहुत बड़ा रहस्य है और यह प्राचीन काल से चली आ रही हैं|
ऐसा माना जाता है की नवग्रह मंदिर के यह नवग्रह खरगोन शहर की रक्षा करते है | किसी भी बड़ी प्राकृतिक आपदा शहर में नहीं होती है कोई बड़ी घटना यहाँ नहीं घटती| यज्ञ और कथा का बहुत मान्यता है इस मंदिर में|
मकर संक्रांति के बाद से ही यहाँ नवग्रह मेला का आयोजन होता है जो की खरगोन शहर का सबसे बड़ा मेला है और यहाँ हजारो लोग हर धर्म के शामिल होते है हिन्दू हो या मुस्लिम ये हो सिख सभी धर्म का यहाँ सम्मान होता है और बहुत ही खुसी से लोग यहाँ नवग्रह मेले का आनदं उठाते हैं|
5. Gayatri Mandir

गायत्री मंदिर खरगोन शहर के एक मात्रा शक्तिपीठ माँ गायत्री का मंदिर है जो बहुत पुरातन है और यह भी खरगोन शहर का सबसे पुराना मंदिरों में से एक है |
यहाँ अक्सर गायत्री माँ का पूजा पाठ, भजन होता है| यहाँ पंडित जी विशेष दिन पर हवन करते हैं | यहाँ पूर्णिमा के रात 12 बजे चाँद की रौशनी में खीर बनायीं जाती हैं | ऐसी मान्यता है की जो भी अस्थमा और दमा का रोगी है वो इस खीर को प्रसादी के तोर पर खाता है तो उसे ये दमा की बीमारी नहीं होती हैं |
ब्राह्मण यह पर बड़े स्तर पर खीर की प्रसादी बनाते है और साथ में हवन और मंत्र उच्चारण करते हैं और रात की 12 बजे खरगोन शहर के लाखो लोग मंदिर में इखट्टे होते है और प्रसादी पाते है यह परंपरा यहाँ हजारो समय से चली आरी हैं|
6. Damkheda Naag Mandir

दामखेड़ा मंदिर जो की भीलट देव मंदिर है एक बहुत ही प्राचीन मंदिर है जो की खरगोन शहर में काफी चर्चे में भी रहता है यह भी काफी बड़ा और भव्य मंदिर है| इसकी स्थापना बहुत सालो पहले हुयी थी|
साक्षात् भीलटदेव महराज यहाँ विराजमान है| नाग पंचमी के दिन यहाँ लाखो श्रद्धालु आते है भीलटदेव की पूरा अर्चना करने | यहाँ काफी शांति और पर्यावरण से निर्मित मंदिर हैं| यहाँ भगवन शिवजी की आराधना भी होती है|
अगर आप खरगोन घूमने आते है यह फिर यहाँ के रहवासी है तो दामखेड़ा का यह भव्य भीलटदेव मंदिर में घूमने और पूजा अर्चना के लिए आ सकते हैं|
7. Jain Temple
जैन टेम्पल जो की जैनो में प्रसिद्ध मंदिर है यह महावीर भगवन की भव्य मंदिर है जहा जैन लोग विधि विधान से महावीर भगवन की पूजा करने आते है | यह मंदिर खरगोन शहर के मध्य में विराजमान है और यह काफी पुराना जैन मंदिर है|
इस मंदिर को खरगोन की गवर्नमेंट द्वारा कई बार मरम्मत भी कराई गयी हैं| इस मंदिर की लोकेशन सनावद रोड सिग्नल चौराहे के पास हैं|
अगर आप जैन मदिर में घूमने की इच्छा रखते है आप यहाँ जरूर से घूमने आ सकते हैं |
8. Sri Kunda Hanuman Mandir

श्री कुंडा हनुमान मंदिर जो की कुंडा नदी के तट पर बसा एक भव्य मंदिर है यह श्री सिद्धिविनायक गणेश मंदिर के पास स्थित हैं कई बार भरी बारिश के चलते कुंडा नदी का पानी का बहाव तेज होने के कारन पुरे मंदिर तक पानी आ चूका है लेकिन मंदिर को जरा भी खरोच नहीं आती |
हनुमान जी यह मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध है खरगोन शहर में| हर मंगलवार यहाँ प्रसादी मिलती है और शहर के कई लोग यहाँ बाबा की आरती में शामिल होते है |
9. Baki Mata Temple

बाकी माता मंदिर खरगोन शहर के ब्रह्मणपुरी मोहल्ले में स्थित है | यहाँ 9 देवी शक्तिपीठ विराजमान है और यह काफी पुराण मंदिर है खरगोन शहर का यह लगभग 300 साल पुराना मंदिर है जो की आज भी खरगोन शहर में भक्तो के प्रति आस्था का केंद्र बना हुआ है |
यहाँ नवरात्री के दिन शानदार गरबे का आयोजन होता है और भंडारा भी आयोजित कराया जाता हैं| बहुत ही मान्यता के साथ यहाँ पर माता का पूजा पाथ होता है और खरगोन शहर का सबसे बड़ा खप्पर भी यही आयोजित होता है |
लेकिन यहाँ कुछ अलग मान्यता है की यहाँ सिर्फ पुरुष ही गरबा करते है महिलाये नहीं करती है यह मंदिर की खास बात है |
ब्राह्मण पूरी में बसा यह मंदिर में 9 शक्तिपीठ माता का मुख विराजमान हैं|
10. Shri data Hanuman Mandir

श्री दाता हनुमान मंदिर जो की खरगोन के नूतन नगर शहर में है यह बहुत ही भव्य और प्राचीन हनुमान मंदिर है| यहाँ हर दिन भक्तो की भीड़ उमड़ी रहती है| यहाँ हर त्यौहार अच्छे से मनाया जाता है शहर के लोग यहाँ भगवन को चढ़ावा और आशर्वाद लेने आते हैं|
यहाँ हनुमान जन्मोत्सव के दिन बहुत ही विशाल भंडारा आयोजित कराया जाता है जहा खरगोन शहर के लाखो लोग प्रसादी ग्रहण करने आते है| सब्जी पूरी, मिठाई खीर, पापड़ बहुत शुद्ध तरीके से बनाये जाते है| यह मंदिर नूतन नगर की शान है और यहाँ हर खरगोन का निवासी जरूर मंदिर में आता हैं|
इस पोस्ट के माध्यम से आपको खरगोन शहर के मंदिरों की जानकारी दी है आप यहाँ जरूर घूमने आ सकते है और आपको बहुत ही आनंद की अनुभूति होगी| यहाँ हमने आपको बताया है खरगोन के 10 प्रमुख मंदिर जो की हजारो साल पुराने है लेकिन आज भी लोगो की आस्था यहाँ है|